ब्रेकिंग न्यूज़
पंकज सिंह से मिले जितेन्द्र प्रताप सिंह, नोएडा कार्यक्रम में सपरिवार सहभागिता का आमंत्रण | गौ सेवा आयोग में नई जिम्मेदारी, भानु प्रकाश पांडेय का मधुबन में जोरदार स्वागत | मोदी के जन्मदिन पर गोमती तट पर उतरेगा भोजपुरी समाज | सड़क किनारे कचरे का पहाड़ देख हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को स्थायी समाधान का आदेश | ₹5 लाख का इलाज, ₹5 लाख की कल्याण निधि, 900 नई अदालतें—योगी ने खोला न्याय का नया अध्याय | पद्मश्री डॉ. एस. सी. राय की धर्मपत्नी श्रीमती मधु राय का निधन, शोक की लहर | हिंदी केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है—अब इसे जीवन और व्यवस्था की भाषा बनाने का समय | जिस दिन भारत अपनी हिंदी को भूल जाएगा, उसी दिन अपनी आत्माभिव्यक्ति का एक अध्याय खो देगा—अजय दीप सिंह IAS | पंकज सिंह से मिले जितेन्द्र प्रताप सिंह, नोएडा कार्यक्रम में सपरिवार सहभागिता का आमंत्रण | गौ सेवा आयोग में नई जिम्मेदारी, भानु प्रकाश पांडेय का मधुबन में जोरदार स्वागत | मोदी के जन्मदिन पर गोमती तट पर उतरेगा भोजपुरी समाज | सड़क किनारे कचरे का पहाड़ देख हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को स्थायी समाधान का आदेश | ₹5 लाख का इलाज, ₹5 लाख की कल्याण निधि, 900 नई अदालतें—योगी ने खोला न्याय का नया अध्याय | पद्मश्री डॉ. एस. सी. राय की धर्मपत्नी श्रीमती मधु राय का निधन, शोक की लहर | हिंदी केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है—अब इसे जीवन और व्यवस्था की भाषा बनाने का समय | जिस दिन भारत अपनी हिंदी को भूल जाएगा, उसी दिन अपनी आत्माभिव्यक्ति का एक अध्याय खो देगा—अजय दीप सिंह IAS |
हाइलाइट न्यूज़
मिशन ओलम्पिक गेम्स के लिए योगी सरकार ने झोंकी ताकत, बनेंगे 30 हजार नये खेल के मैदान दो टूक:हर बड़ा माफिया-अपराधी योगी सरकार के निशाने पर   चुनावी मौसम में प्रधान मंत्री मोदी ने 9 नए मेडिकल कॉलेज, 5,189 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं की बरसात खंड शिक्षा अधिकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन पूर्व मंत्री व राज्यपाल लालजी टण्डन की जयन्ती पर सीएम योगी ने की श्रद्धांजलि अर्पित 'उन्होंने हमें आज़ादी दिलाई और आप…': वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को कड़ी फटकार मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के संबंध में 13 दिसंबर तक करें आवेदन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चंडीगढ़ में विधायी प्रारूपण के महत्व और लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर दिया मार्गदर्शन मिशन ओलम्पिक गेम्स के लिए योगी सरकार ने झोंकी ताकत, बनेंगे 30 हजार नये खेल के मैदान दो टूक:हर बड़ा माफिया-अपराधी योगी सरकार के निशाने पर   चुनावी मौसम में प्रधान मंत्री मोदी ने 9 नए मेडिकल कॉलेज, 5,189 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं की बरसात खंड शिक्षा अधिकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन पूर्व मंत्री व राज्यपाल लालजी टण्डन की जयन्ती पर सीएम योगी ने की श्रद्धांजलि अर्पित 'उन्होंने हमें आज़ादी दिलाई और आप…': वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को कड़ी फटकार मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के संबंध में 13 दिसंबर तक करें आवेदन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चंडीगढ़ में विधायी प्रारूपण के महत्व और लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर दिया मार्गदर्शन
प्रीमियम समाचार हिन्दी

जगन्नाथ रथयात्रा: केवल उत्सव नहीं, सनातन संस्कृति के विश्वकल्याण संकल्प का दिव्य उद्घोष

D

Dainik India News

12352 views
जगन्नाथ रथयात्रा: केवल उत्सव नहीं, सनातन संस्कृति के विश्वकल्याण संकल्प का दिव्य उद्घोष
Article image

राष्ट्रमंगल की कामना के साथ रथयात्रा में सम्मिलित हुए राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह

Article image

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।राजधानी लखनऊ एक बार पुनः भगवान श्रीजगन्नाथ की दिव्य रथयात्रा के आध्यात्मिक आलोक से आलोकित हो उठी। प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी श्री राधारमण इस्कॉन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के विराट वैभव का अनुपम उत्सव बन गई। इस्कॉन लखनऊ के प्रमुख अपरिमेय श्याम दास के सान्निध्य में प्रारम्भ हुई इस दिव्य यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने "हरे कृष्ण" महामंत्र के संकीर्तन के साथ भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर राष्ट्र एवं विश्वकल्याण की मंगलकामना की।

जगन्नाथ रथयात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन सभ्यता के उस सार्वभौम दर्शन की जीवंत अभिव्यक्ति है, जिसमें ईश्वर स्वयं भक्तों के बीच आकर समता, करुणा, सेवा और लोकमंगल का संदेश देते हैं। मान्यता है कि भगवान के रथ का दर्शन, स्पर्श अथवा उसके साथ कुछ कदम चलना भी आध्यात्मिक पुण्य और अंतःकरण की निर्मलता का माध्यम बनता है। यही कारण है कि यह महोत्सव युगों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकात्मता का प्रतीक माना जाता रहा है।

इसी आध्यात्मिक महापर्व में हिंदू समाज की अस्मिता के प्रखर स्वर तथा राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह श्रद्धापूर्वक रथयात्रा में सम्मिलित हुए। उनके आगमन की सूचना मिलते ही इस्कॉन प्रमुख अपरिमेय श्याम दास के मुखमंडल पर सहज प्रसन्नता और आत्मीय हर्ष स्पष्ट झलक उठा। उन्होंने स्नेहपूर्वक माल्यार्पण कर जितेंद्र प्रताप सिंह का अभिनंदन किया तथा सनातन परंपरा के अनुरूप उनका आत्मीय स्वागत किया। यह दृश्य केवल दो व्यक्तित्वों का मिलन नहीं, बल्कि सनातन चेतना, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा के साझा संकल्प का भावपूर्ण संगम बन गया।

रथयात्रा के दौरान जितेंद्र प्रताप सिंह ने भगवान श्रीजगन्नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर भारत की अखंडता, राष्ट्र की सुरक्षा, विश्वशांति तथा समस्त मानवता के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीजगन्नाथ संपूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता हैं और उनकी रथयात्रा यह संदेश देती है कि धर्म का वास्तविक स्वरूप विभाजन नहीं, बल्कि समन्वय, करुणा, आत्मानुशासन और लोककल्याण है। जब समाज अपनी सनातन जड़ों से जुड़ता है, तभी राष्ट्र सांस्कृतिक वैभव, आध्यात्मिक शक्ति और नैतिक नेतृत्व के सर्वोच्च शिखर पर प्रतिष्ठित होता है।

श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रभाव से ओतप्रोत यह दिव्य रथयात्रा एक बार फिर उद्घोषित कर गई कि सनातन संस्कृति का वास्तविक स्वरूप "सर्वे भवन्तु सुखिनः", "वसुधैव कुटुम्बकम्" और विश्वकल्याण की अखंड साधना में निहित है। भगवान श्रीजगन्नाथ का रथ आगे बढ़ता रहा और उसके साथ आगे बढ़ता रहा करोड़ों श्रद्धालुओं का यह अटूट विश्वास कि जब तक सनातन संस्कृति की यह चेतना जीवित है, तब तक भारत की आध्यात्मिक ज्योति सम्पूर्ण विश्व का पथ आलोकित करती रहेगी।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!