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डिजिटल जनगणना के नवयुग का शुभारंभ : अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने ‘स्व-गणना’ प्रणाली को बताया प्रशासनिक पारदर्शिता का सशक्त माध्यम

“जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र की भावी विकास-योजनाओं का आधारभूत दस्तावेज” — एडीएम सत्यप्रिय सिंह

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डिजिटल जनगणना के नवयुग का शुभारंभ : अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने ‘स्व-गणना’ प्रणाली को बताया प्रशासनिक पारदर्शिता का सशक्त माध्यम

दैनिक इंडिया न्यूज़,मऊ। आगामी जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संपन्न एवं जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी श्री सत्यप्रिय सिंह ने जनपद के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद स्थापित किया। संवाद के दौरान उन्होंने ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रणाली को प्रशासनिक आधुनिकीकरण की अभिनव पहल बताते हुए जनपदवासियों से इस डिजिटल सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करने की भावपूर्ण अपील की।

मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी श्री सत्यप्रिय सिंह ने कहा कि जनगणना किसी भी राष्ट्र की विकास-नीति, संसाधन नियोजन, सामाजिक संरचना एवं भावी कल्याणकारी योजनाओं का आधारभूत अधिष्ठान होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार शासन द्वारा नागरिकों को स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी सूचनाएं डिजिटल प्रणाली में अभिलिखित करने की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे आंकड़ों की प्रामाणिकता, पारदर्शिता एवं त्वरित संकलन सुनिश्चित हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक-संपन्न व्यवस्था न केवल जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगी, बल्कि प्रगणकों के कार्यभार को भी अत्यधिक सुगम एवं प्रभावकारी बनाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्र निर्माण की इस महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाए।

अपर जिलाधिकारी द्वारा स्व-गणना की विस्तृत प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण

संवाद के दौरान श्री सत्यप्रिय सिंह ने स्व-गणना प्रक्रिया को क्रमबद्ध रूप से स्पष्ट करते हुए बताया कि नागरिक अत्यंत सरल विधि से घर बैठे अपनी जनगणना संबंधी सूचनाएं पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम नागरिकों को आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर जाकर अपने सक्रिय मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी सत्यापन कर लॉगिन करना होगा। तत्पश्चात परिवार के मुखिया द्वारा परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित विवरण— जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आवासीय स्थिति, आजीविका के साधन एवं अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी— डिजिटल प्रश्नावली में सावधानीपूर्वक अंकित की जाएगी।

फॉर्म पूर्ण होने के उपरांत नागरिकों को एक विशिष्ट ‘सेल्फ-इन्यूमरेशन रेफरेंस नंबर’ प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। एडीएम ने स्पष्ट किया कि जब जनगणना प्रगणक सत्यापन हेतु घर पहुंचेंगे, तब यह संदर्भ संख्या प्रदर्शित करनी होगी, जिससे पूर्व में दर्ज डिजिटल आंकड़ों का त्वरित प्रमाणीकरण संभव हो सकेगा तथा पुनः विस्तृत विवरण देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

“नागरिकों की जानकारी पूर्णतः सुरक्षित” — एडीएम

अपर जिलाधिकारी श्री सत्यप्रिय सिंह ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराया गया समस्त डेटा पूर्णतः सुरक्षित एवं गोपनीय रहेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा आधुनिक साइबर सुरक्षा मानकों के अनुरूप डेटा संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनपद मऊ की जनता से आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय महाअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाएं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो नागरिक तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं अथवा डिजिटल प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं, उनके लिए परंपरागत व्यवस्था के अंतर्गत प्रगणक पूर्ववत घर-घर जाकर आंकड़ा संकलन का कार्य करते रहेंगे।

संवाद कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग के अधिकारीगण, जनपद के विभिन्न समाचार-पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्पूर्ण कार्यक्रम प्रशासनिक पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार एवं जनसहभागिता आधारित सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में परिलक्षित हुआ।

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