ब्रेकिंग न्यूज़
जिला कारागार में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का औचक निरीक्षण, सुरक्षा से लेकर भोजन व्यवस्था तक की हुई गहन पड़ताल | मेधाओं का सम्मान, सपनों को मिला नया उड़ान-पंख: विधायक और जिलाधिकारी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित | लखनऊ बना अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षण का केंद्र, वियतनाम से पहुंचे विश्वस्तरीय वोवीनाम मास्टर्स | जिला कारागार में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का औचक निरीक्षण, सुरक्षा से लेकर भोजन व्यवस्था तक की हुई गहन पड़ताल | बी.एड. संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर जिलाधिकारी की पैनी नजर, औचक निरीक्षण से व्यवस्थाओं का लिया व्यापक जायजा | ढोलवन हत्याकांड: जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार से की भेंट, न्याय और हरसंभव सहायता का दिया भरोसा | संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का आह्वान, बंद चीनी मिल को पुनः चालू कराने का उठाया मुद्दा | “जबरा मारे और रोने भी न दे: UPPCL प्रबंधन ने श्रद्धांजलि सभा को भी ‘आंदोलन’ मान लिया, आखिर यह तानाशाही कब तक?” | जिला कारागार में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का औचक निरीक्षण, सुरक्षा से लेकर भोजन व्यवस्था तक की हुई गहन पड़ताल | मेधाओं का सम्मान, सपनों को मिला नया उड़ान-पंख: विधायक और जिलाधिकारी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित | लखनऊ बना अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षण का केंद्र, वियतनाम से पहुंचे विश्वस्तरीय वोवीनाम मास्टर्स | जिला कारागार में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का औचक निरीक्षण, सुरक्षा से लेकर भोजन व्यवस्था तक की हुई गहन पड़ताल | बी.एड. संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर जिलाधिकारी की पैनी नजर, औचक निरीक्षण से व्यवस्थाओं का लिया व्यापक जायजा | ढोलवन हत्याकांड: जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार से की भेंट, न्याय और हरसंभव सहायता का दिया भरोसा | संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का आह्वान, बंद चीनी मिल को पुनः चालू कराने का उठाया मुद्दा | “जबरा मारे और रोने भी न दे: UPPCL प्रबंधन ने श्रद्धांजलि सभा को भी ‘आंदोलन’ मान लिया, आखिर यह तानाशाही कब तक?” |
हाइलाइट न्यूज़
ग्रीष्मकालीन टी-20 प्रतियोगिता का,आठवां मैच विद्युत(ऑपरेशन) ने और नौवां मैच संरक्षा विभाग ने रोचक मुकाबले में जीता जनपद मऊ के चचाईपार में नील गाय से भीषण एक्सीडेन्ट , दो लोग गम्भीर रुप से जख्मी मानव के उद्धार की कथा है श्रीमद्भागवत महापुराण : मुख्यमंत्री भारतीय जीवन बीमा निगम के सफलता के 66 वर्ष - नये रंग रूप कलेवर मे - जे पी सिंह प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत भूलेख अंकन -किसानों का डाटा शुद्ध एवं सत्यापित करते हुए किसानों को धनराशि उपलब्ध कराने में जनपद मऊ का प्रदेश में सातवां स्थान हरदोई थाना शाहाबाद पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट से संबंधित ₹10हजार का एक फरार इनामी शातिर अभियुक्त को अवैध सत्र सहित किया गिरफ्तार D D INDIA WELFARE TRUD मुख्यमंत्री ने जनपद प्रयागराज में कायस्थ पाठशाला सोसाइटी की 150वीं वर्षगांठ का शुभारम्भ किया ग्रीष्मकालीन टी-20 प्रतियोगिता का,आठवां मैच विद्युत(ऑपरेशन) ने और नौवां मैच संरक्षा विभाग ने रोचक मुकाबले में जीता जनपद मऊ के चचाईपार में नील गाय से भीषण एक्सीडेन्ट , दो लोग गम्भीर रुप से जख्मी मानव के उद्धार की कथा है श्रीमद्भागवत महापुराण : मुख्यमंत्री भारतीय जीवन बीमा निगम के सफलता के 66 वर्ष - नये रंग रूप कलेवर मे - जे पी सिंह प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत भूलेख अंकन -किसानों का डाटा शुद्ध एवं सत्यापित करते हुए किसानों को धनराशि उपलब्ध कराने में जनपद मऊ का प्रदेश में सातवां स्थान हरदोई थाना शाहाबाद पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट से संबंधित ₹10हजार का एक फरार इनामी शातिर अभियुक्त को अवैध सत्र सहित किया गिरफ्तार D D INDIA WELFARE TRUD मुख्यमंत्री ने जनपद प्रयागराज में कायस्थ पाठशाला सोसाइटी की 150वीं वर्षगांठ का शुभारम्भ किया
ताज़ा खबर English

विनायक पुरम में गूंजी दिव्य कथा — आध्यात्मिक चेतना के महासागर में डूबे श्रद्धालु”

D

Dainik India News

22 views
विनायक पुरम में गूंजी दिव्य कथा — आध्यात्मिक चेतना के महासागर में डूबे श्रद्धालु”

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। विकास नगर क्षेत्र के विनायक पुरम स्थित एक पार्क में आज आध्यात्मिक चेतना का महाकुंभ उमड़ पड़ा। व्यास पीठ पर दिव्य कथा का अमृतपान जन सेवा कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री स्वामी सत्येंद्र कृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से हुआ।

स्वामी जी ने जब भागवत के दशम स्कंध के उस परम पावन प्रसंग का उद्घाटन किया, तो पूरे वातावरण में एक अद्भुत शांति छा गई। कथा की शुरुआत कंस के उस लोहे के कारागार से हुई—जो केवल दीवारें नहीं थीं, बल्कि अहंकार और भय का मूर्त रूप थीं। महंत जी ने समझाया कि जैसे देवकी और वासुदेव राजवैभव के उत्तराधिकारी होते हुए भी उस कारागार में बंधे थे, वैसे ही हम मनुष्य अपनी कामनाओं और बंधनों के कारण स्वयं को एक अदृश्य जेल में बंद कर लेते हैं। हर क्षण मृत्यु का भय, हर सांस गिनती की — यही सांसारिक जीवन का प्रतीक है।

और फिर, जब भाद्रपद की अष्टमी की मध्यरात्रि आई, नियति मौन हो गई और उसी क्षण हुआ वह दैवीय चमत्कार। महंत जी ने भावविभोर होकर बताया कि उस क्षण स्वयं भगवान की योगमाया सक्रिय हुई। जो द्वारपाल कभी सोते नहीं थे, वे अचेतन निद्रा में चले गए। आकाश से देवताओं ने पुष्पवर्षा की, गंधर्वों ने स्तुति गान किया, और काल भी थम गया। उस कारागार में दिव्य तेज फैला — वह “सच्चिदानंद” का प्रकटीकरण था। महंत जी ने कहा, यह क्षण बताता है कि बंधन में भी आत्मा मुक्त और शुद्ध रहती है। जब सच्चे हृदय से शरणागति होती है, तो संसार के सभी बंधन शिथिल हो जाते हैं — यही ईश्वर की अनंत महिमा है।

कथा का अगला प्रसंग था यात्रा का रहस्य — वासुदेव का अपने नवजात पुत्र को लेकर यमुना पार गोकुल जाना। सत्येंद्र शास्त्री जी ने इस प्रसंग का आध्यात्मिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि मथुरा ज्ञान और कर्म की भूमि है, जबकि गोकुल प्रेम और आनंद का धाम। वासुदेव का यमुना पार करना हमारी चेतना के परिवर्तन का प्रतीक है — जब तक 'मैं और मेरा' (कंस) का अहंकार जीवित है, तब तक संघर्ष रहेगा। लेकिन जब हम प्रेम और भक्ति को स्वीकार कर लेते हैं, तब यमुना भी शांत होकर मार्ग देती है, क्योंकि जिसे हमने उठाया है, वही सम्पूर्ण ब्रह्मांड का नियंता है।

कथा का सार बताते हुए सतेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कहा — “श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक प्रतिज्ञा है — यह विश्वास कि सबसे गहरे अंधकार (कारागार) में भी मुक्ति (कृष्ण) का मार्ग सदैव खुला रहता है।”

कथा के समापन पर पूरा पांडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु केवल कथा नहीं सुन रहे थे, वे स्वयं के भीतर मुक्ति और प्रेम के उस शाश्वत सत्य को अनुभव कर रहे थे।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!