ब्रेकिंग न्यूज़
देशभर में Telegram पर अस्थायी रोक, NEET परीक्षा में नकल रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला | वरिष्ठजनों के द्वार पहुंचा भाजपा का जनसंपर्क अभियान, डॉ. के. लक्ष्मण और आनंद द्विवेदी ने साझा की मोदी सरकार के 12 वर्षों की विकासगाथा | बड़े मंगल पर भाजपा महानगर अध्यक्ष ने दिया सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश | जनसंवाद की चौपाल बनी विकास-संकल्प का महाकुंभ, परिवहन मंत्री ने ग्रामवासियों को दिलाया त्वरित समाधान का भरोसा | महाबली हनुमान की कृपा से वॉरियर डिफेंस अकादमी, मोहनलालगंज में सप्तम मंगल पर विशाल भंडारे का दिव्य आयोजन | केंद्र सरकार के 12 वर्ष: विकास, विश्वास और वैश्विक प्रतिष्ठा का स्वर्णिम अध्याय — प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह | अध्यात्म और विज्ञान का सेतु बने भारत का भविष्य, वैज्ञानिक निभाएं समन्वय की भूमिका : डॉ. कृष्ण गोपाल | दहेज़ ले लिए हत्या करने के आरोप मे माँ बेटे गिरफ्तार | देशभर में Telegram पर अस्थायी रोक, NEET परीक्षा में नकल रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला | वरिष्ठजनों के द्वार पहुंचा भाजपा का जनसंपर्क अभियान, डॉ. के. लक्ष्मण और आनंद द्विवेदी ने साझा की मोदी सरकार के 12 वर्षों की विकासगाथा | बड़े मंगल पर भाजपा महानगर अध्यक्ष ने दिया सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश | जनसंवाद की चौपाल बनी विकास-संकल्प का महाकुंभ, परिवहन मंत्री ने ग्रामवासियों को दिलाया त्वरित समाधान का भरोसा | महाबली हनुमान की कृपा से वॉरियर डिफेंस अकादमी, मोहनलालगंज में सप्तम मंगल पर विशाल भंडारे का दिव्य आयोजन | केंद्र सरकार के 12 वर्ष: विकास, विश्वास और वैश्विक प्रतिष्ठा का स्वर्णिम अध्याय — प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह | अध्यात्म और विज्ञान का सेतु बने भारत का भविष्य, वैज्ञानिक निभाएं समन्वय की भूमिका : डॉ. कृष्ण गोपाल | दहेज़ ले लिए हत्या करने के आरोप मे माँ बेटे गिरफ्तार |
हाइलाइट न्यूज़
अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर ब्रतिनों ने मांगी मंगल की कामना मुख्यमंत्री ने बटलर पैलेस में अतिविशिष्ट गृह नैमिषारण्य कालोकार्पण किया तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों को भाने लगी है काशी की बदलती तस्वीर विश्व अस्थमा दिवस पर जागरूकता रैली निकाल कर लोगों को किया जागरूक भारतीय उद्योग किसान व्यापार मंडल (पंजी) का धरना प्रदर्शन व ज्ञापन उद्यमी,व्यापारी,किसान सहित आम जनता को सभी सरकारी अस्पतालों में दवा,इलाज,जांच को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराएं यूपी सरकार: नीरज सिंह और आनंद द्विवेदी ने कार्यकर्ताओं संग देखी प्रधानमंत्री मोदी पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्म विश्व संस्कृत दिवस पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - कुंवर मानवेंद्र सिंह सीएम योगी की उपस्थिति में दारा सिंह चौहान ने दाखिल किया नामंकन अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर ब्रतिनों ने मांगी मंगल की कामना मुख्यमंत्री ने बटलर पैलेस में अतिविशिष्ट गृह नैमिषारण्य कालोकार्पण किया तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों को भाने लगी है काशी की बदलती तस्वीर विश्व अस्थमा दिवस पर जागरूकता रैली निकाल कर लोगों को किया जागरूक भारतीय उद्योग किसान व्यापार मंडल (पंजी) का धरना प्रदर्शन व ज्ञापन उद्यमी,व्यापारी,किसान सहित आम जनता को सभी सरकारी अस्पतालों में दवा,इलाज,जांच को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराएं यूपी सरकार: नीरज सिंह और आनंद द्विवेदी ने कार्यकर्ताओं संग देखी प्रधानमंत्री मोदी पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्म विश्व संस्कृत दिवस पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - कुंवर मानवेंद्र सिंह सीएम योगी की उपस्थिति में दारा सिंह चौहान ने दाखिल किया नामंकन
स्वास्थ्य English

कोविड डेथ की नई गाइडलाइन कोविड होने के 30 दिन के अंदर होने वाली मौत कोविड डेथ माना जायेगा

D

Dainik India News

18 views

हरिंद्र सिंह/डीडी इंडिया न्यूज

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सूचित किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने COVID-19 से मरने वालों के संबंध में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समान दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।

इससे पहले 3 सितंबर को SC ने दिशानिर्देश तैयार करने में देरी को लेकर केंद्र सरकार की खिंचाई की थी और उसे एक और मौका दिया था.

क्या हैं दिशा निर्देश ?

11 सितंबर को केंद्र सरकार द्वारा दायर एक हलफनामे के हवाले से 'लाइव लॉ' ने रिपोर्ट प्रकाशित की कि सरकार की तरफ से कोविड-19 विशेष मृत्यु प्रमाण पत्र तभी जारी किया जाएगा जब मृत व्यक्ति निम्न तरीकों से COVID-19 पॉजिटिव पाया गया हो.

आरटी-पीसीआर टेस्ट या रैपिड-एंटीजन टेस्ट

मोलेक्यूलर टेस्ट

अस्पतालों में जांच के माध्यम से चिकित्सकीय रूप से निर्धारित हो

इलाज करने वाले चिकित्सक के इन-पेसेंट फैसिलिटी में

हालांकि अगर किसी मरीज की मौत जहर, आत्महत्या, हत्या और दुर्घटना से हुई हो ,भले ही वह COVID-19 पॉजिटिव भी हो, तो इसे आधिकारिक तौर पर COVID-19 वायरस से मौत नहीं माना जाएगा.

इसके अतिरिक्त दिशानिर्देश के मुताबिक ऐसे मामलों में जहां रोगी की मौत या तो अस्पताल में या घर पर हुई हो और जहां फॉर्म 4 और 4 ए में 'मृत्यु के कारण का मेडिकल सर्टिफिकेट' जारी किया गया हो (जैसा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण (आरबीडी) अधिनियम, 1969 की धारा 10 के मुताबिक आवश्यक है) - उस केस को COVID-19 से मौत माना जाएगा.
दिशानिर्देशों के अनुसार कोविड पॉजिटिव टेस्ट किये जाने या "कोविड -19 मामले के रूप में चिकित्सकीय रूप से निर्धारित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर होने वाली मौतों को 'COVID ​​​​-19 के कारण होने वाली मौतों' के रूप में माना जाएगा, चाहे मौत अस्पताल/इन-पेशेंट सुविधा के बाहर हुई हो"

ऐसे मामलों में जहां मृत्यु के कारण का मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है या जहां मृतक के परिजन सर्टिफिकेट में मृत्यु के कारण से संतुष्ट नहीं हैं, उस केस में मामले को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति के सामने उठाया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी याचिका

एडवोकेट गौरव कुमार बंसल और दीपक कंसल ने कोविड-19 के कारण मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने और डेथ सर्टिफिकेट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने इसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 12 के सबंध में गृह मंत्रालय के पत्र का हवाला दिया था।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!