ब्रेकिंग न्यूज़
उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं की मेहनत को कुचलते बड़का बाबुओं के 'फैमिली बिजनेस'? | शाहजहांपुर की बेटियों के लिए स्वर्णिम अवसर: निःशुल्क नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ रोजगार का सुनहरा द्वार खुला | प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे को बहुत बड़ा झटका | प्रबुद्ध समाज से संवाद बढ़ाएगी भाजपा, 11 जून को होगा भव्य सम्मेलन | देश के दस राज्यों के खिलाड़ियों ने लखनऊ में दिखाया मार्शल आर्ट का अद्भुत कौशल | भोजशाला मंदिर से भक्तों द्वारा प्रतिष्ठित मूर्ति हटाने पर बवाल, याचिकाकर्ता ने पूछा— क्या एएसआई हाईकोर्ट से भी ऊपर? | मध्यांचल मुख्यालय में आग लगे तो बुझाएगा कौन ? | जनसंवाद और जनसरोकारों के केंद्र बने राजनाथ सिंह, विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने रखे सुझाव | उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं की मेहनत को कुचलते बड़का बाबुओं के 'फैमिली बिजनेस'? | शाहजहांपुर की बेटियों के लिए स्वर्णिम अवसर: निःशुल्क नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ रोजगार का सुनहरा द्वार खुला | प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे को बहुत बड़ा झटका | प्रबुद्ध समाज से संवाद बढ़ाएगी भाजपा, 11 जून को होगा भव्य सम्मेलन | देश के दस राज्यों के खिलाड़ियों ने लखनऊ में दिखाया मार्शल आर्ट का अद्भुत कौशल | भोजशाला मंदिर से भक्तों द्वारा प्रतिष्ठित मूर्ति हटाने पर बवाल, याचिकाकर्ता ने पूछा— क्या एएसआई हाईकोर्ट से भी ऊपर? | मध्यांचल मुख्यालय में आग लगे तो बुझाएगा कौन ? | जनसंवाद और जनसरोकारों के केंद्र बने राजनाथ सिंह, विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने रखे सुझाव |
हाइलाइट न्यूज़
WE WOULD LIKE TO INFORM YOU THAT DD INDIA NEWS HAS CHANGED IT'S LOGO AND PRESS ICON'S DESIGN लखनऊ चुनाव प्रचार मे उतरा उत्तराखंड का रणबांकुरा ,लगाई ललकार- विपक्ष पस्त - जितेन्द्र प्रताप सिंह कांग्रेस विधि विभाग में बड़ा संगठनात्मक निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं <em>हरदोई योगी राज सरकार में गौशाला की जमीन में सरसों गेहूं की करते आ रहे अवैध फसल</em> वाराणसी कैंट स्टेशन असुरक्षित, पुलिस नाकाम – महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल उत्तर प्रदेश सरकार के आवाह्न पर माल ब्लाक के पीर नगर ग्राम में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया सीतापुर में पत्रकार की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग WE WOULD LIKE TO INFORM YOU THAT DD INDIA NEWS HAS CHANGED IT'S LOGO AND PRESS ICON'S DESIGN लखनऊ चुनाव प्रचार मे उतरा उत्तराखंड का रणबांकुरा ,लगाई ललकार- विपक्ष पस्त - जितेन्द्र प्रताप सिंह कांग्रेस विधि विभाग में बड़ा संगठनात्मक निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं <em>हरदोई योगी राज सरकार में गौशाला की जमीन में सरसों गेहूं की करते आ रहे अवैध फसल</em> वाराणसी कैंट स्टेशन असुरक्षित, पुलिस नाकाम – महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल उत्तर प्रदेश सरकार के आवाह्न पर माल ब्लाक के पीर नगर ग्राम में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया सीतापुर में पत्रकार की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग
लेख / शोध English

SCO बैठक में भारत का सख्त रुख: साझा बयान पर नहीं किए हस्ताक्षर, MEA ने दी पुष्टि

D

Dainik India News

24 views

दैनिक इंडिया न्यूज़,नई दिल्ली, 26 जून 2025,
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए साझा बयान (Joint Communiqué) पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इस निर्णय की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्वयं की है।

MEA के प्रवक्ता ने कहा कि भारत चाहता था कि साझा दस्तावेज़ में आतंकवाद पर उसकी गहन चिंताओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए, लेकिन एक "विशेष देश" की आपत्ति के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इसलिए, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उस संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत यह मानता है कि आतंकवाद समूचे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और ऐसे किसी भी दस्तावेज़ में इस पर ठोस और स्पष्ट भाषा में निंदा होनी चाहिए। परंतु, SCO के कुछ सदस्य देशों की ओर से आतंकवाद के प्रति लचीला रवैया अपनाया गया, जिसे भारत ने स्वीकार नहीं किया।

गौरतलब है कि भारत लंबे समय से SCO मंच पर सीमा पार आतंकवाद और आतंकी समूहों को समर्थन देने वाले देशों को बेनकाब करता रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत का यह रुख एक स्पष्ट संदेश है कि वह अब दिखावे की एकता के बजाय ठोस कार्यवाही को प्राथमिकता देगा।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा था कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए "दोहरे मानदंडों" की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। भारत की यह स्पष्ट और नैतिक स्थिति अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी विश्वसनीयता को और मजबूत करती है।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!