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शिव-पार्वती विवाह प्रसंग श्रवण कर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

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Dainik India News

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शिव-पार्वती विवाह प्रसंग श्रवण कर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

दैनिक इंडिया न्यूज,ऐशबाग, लखनऊ, उ. प्र., 17 मार्च, 2024, ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रही श्री राम कथा के तृतीय दिवस कथा वाचक आचार्य देवमुरारी बापू ने भगवान शंकर जी द्वारा माता पार्वती को ब्रह्म पहचान के 10 लक्षणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही माता पार्वती जी को राम कथा की अधिकारी है सिद्ध करते हुए राम जन्म के पांच प्रमुख कारणों का भी विस्तार से वर्ण न किया।
कथा वाचक आचार्य देवमुरारी बापू ने कथा के दौरान निर्गुण निराकार द्वारा सगुण साकार राम बनकर मृत्यु लोक पर जन्म लेने का कारण स्पष्ट करते हुए "राम जन्म के हेतु अनेका" चौपाई की विस्तार से व्याख्या की और बताया कि पृथ्वी पर जब धर्म बढ़ता है, संत महात्मा और गाय को प्रताड़ित किया गया, तो इनकी रक्षा के लिए साक्षात परमात्मा ने मनुष्य रूप में जन्म लेकर सबके कष्ट हरे। उन्होंने कहा श्री राम ने अपने पिता दशरथ के आंगन में जन्म लेकर यह संदेश भी दिया कि जो व्यक्ति धर्म का आचरण करता है और सदैव परमात्मा का ध्यान करता है, ऐसे व्यक्ति के यहां सुख समृद्धि ऐश्वर्य के साथ वह खुद जन्म लेता हूं और सारे संसार में उसका यश विस्तार कर देता है।
कथा वाचक ने बताया कि श्री राम ने माता कौशल्या की गोद में अपने को शिशु रूप में लाकर संदेश दिया कि रामहि केवल प्रेम पियारा अर्थात परमात्मा को प्रेम की डोरी से में बंधा जा सकता है। उन्होंने कहा गोस्वामी तुलसीदास जी ने क्या वर्णन किया कि भगवान श्री राम ज्यादा धन, ज्यादा रूपवान, ज्यादा वैभवशाली और ज्यादा ज्ञान से प्रसन्न नहीं होते, अपितु केवल प्रेम से प्रसन्न होते हैं। इसलिए संतगण भगवान से निरंतर असीम अनुराग के साथ उनके नाम का जाप करते रहते हैं।
इसलिए जिसका स्वभाव संत जैसा होता है, परमात्मा उसकी रात दिन रक्षा करते हैं।इस प्रकार भगवान श्री राम के जन्म लीला वर्णन के साथ आरती उतरी गई, प्रसाद वितरण करके कथा को विश्राम दिया गया।
इस अवसर पर कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा गौरव पांडे, जितेश श्रीवास्तव ,संजय सक्सेना, सोनीका मिश्रा, सतपाल सिंह, पवन पांडे, निर्मल सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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